संगीत स्थळें पवित्रें | तिकट्या वोळंबे सूत्रे |
निवती विस्तिर्ण स्वतंत्रे | उपसाहित्याचीं ||१||
तुळसीवनें वृंदावनें | सुंदर सडे संमार्जनें |
ओटे रंगमाळा आसनें | ठांई ठांई ||२||
गवाक्षें दिंड्या खिडक्या मोऱ्या | बंकदर्वार पाहिऱ्या |
सोपे माड्या ओहऱ्या | ठांई ठांई ||३||
ध्वज गोपुरें शिखरें | भुयारें तळघरें विवरें |
मंडप राजांगणें गोपुरें | दारवंटे ढाळजा ||४||
देवालयें रंगशिळा | चित्रविचित्र दीपमाळा |
पोहिया पादुका निर्मळा | आड बावी पुष्कर्णी ||५||
विशाळ तळीं सरोवरें | मध्ये तळपती जळचरें |
ब्रह्मकमळें मनोहरें | नाना रंगें विकासती ||६||
गोंमुखें पाट कालवे | साधूनि बांधूनि आणावे |
स्थळोस्थळीं खेळवावे | नळ टाकीं कारंजीं ||७||
पुष्पवाटिका वृक्ष बनें | नानाप्रकारचीं धनें |
पक्षी श्वापदें गोधनें | ठांई ठांई ||८||
सभामंडप चित्रशाळा | स्वयंपाकगृहें भोजनशाळा |
सामग्रीगृह धर्मशाळा | मठ मठ्या नेटक्या ||९||
एकांतगृहें नाट्यशाळा | देवगृहें होमशाळा |
नाना गृहें नाना शाळा | नानाप्रकारीं ||१०||
ऐसीं स्थळें परोपरी | नाना युक्ती कळाकुसरी |
नि:काम बुध्दी जो करी | धन्य तो साधु ||११||